अपनी प्रतिभा का लोहा देश-विदेश में मनवा रहे सीवान के युवा

सीवान (आशीष कुमार): आज गुरुवार को स्वामी विवेकानंद जी की जयंती है. इस दिन को युवा दिवस के रूप में मनाया जाता है. ऐसे में सीवान के उन युवकों की चर्चा न हो, जो अपनी प्रतिभा के बल पर देश-दुनिया में सीवान ही नहीं, पूरे बिहार का नाम रौशन कर रहे हैं. प्रशासनिक, समाजसेवा के साथ खेल के क्षेत्र में इनकी उपलब्धियां दूसरों के लिए प्रेरणास्रोत हैं.

चार भाइयों ने लिखी सफलता की गाथा
जीरादेई : पूत सपूत त का धन संचय, पूत कपूत त का धन संचय, यह पंक्ति देशरत्न के पैतृक गांव से सटे तितिरा गांव के किसान ललितेश्वर राय पर सटीक बैठती है. इनके चार पुत्रों ने जो किया है, उसकी मिसाल कम ही देखने को मिलती है. एक डॉ. कौशल किशोर राय आइएएस हैं. फिलहाल जमुई जिले में डीएम हैं. इनकी उम्र अभी मात्र 26 वर्ष है, लेकिन देश की सर्वोच्च प्रतियोगी परीक्षा पास करने के बाद डीएम का दायित्व संभाल रहे हैं.

डॉ. कौशल किशोर राय, आइएएस

इनके जुड़वां भाई नंद किशोर राय भिलाई में लीवर सर्जन के पद पर तैनात हैं.

नंद किशोर राय

तीसरे सुपुत्र ई. हरि किशोर राय आइपीएस हैं. 24 वर्ष की उम्र में बिहार के राज्यपाल के ओएसडी हैं.

हरिकिशोर रॉय,आईपीएस,ओएसडी राज्यपाल,बिहार

चौथे सपूत डॉ. गिरिजा किशोर 22 वर्ष की उम्र में जमुई जिले में चिकित्सक के पद पर तैनात हैं.

डॉ गिरिजा किशोर रॉय,चिकित्सक,जमुई

इनकी चर्चा इसलिए जरूरी है कि सभी अच्छे पदों पर होने के बावजूद मृदुभाषी व सरल स्वभाव के हैं. स्वामी विवेकानंद व देशरत्न इनके आदर्श हैं.

प्रेरणास्रोत हैं हरिनारायणाचारी मिश्र व नीरज कुमार
रघुनाथपुर : स्थानीय बाजार निवासी डीआइजी हरिनारायणाचारी मिश्र व लेफ्टीनेंट नीरज कुमार पूरे प्रखंड के युवकों के लिए प्रेरणास्रोत हैं. साधारण परिवार में जन्मे हरिनारायणाचारी मिश्र जी के पिता माधवाचारी मिश्र को इनके आइपीएस बनने की खुशी नहीं नसीब हुई. रिजल्ट आने के एक माह पहले ही उनका निधन हो गया था. शिक्षक दंपती की इस संतान ने प्रारंभिक शिक्षा गांव के ही स्कूल में ली. अभी इंदौर में पदस्थापित हैं. मध्य प्रदेश सरकार द्वारा दुर्गम सेवा पदक व आंतरिक सुरक्षा सेवा पदक से नवाजे गए हैं.

हरिनारायणाचारी मिश्र,आईपीएस,डीआईजी,इंदौर

एलआइसी अभिकर्ता के. संजय कुमार व शिक्षिका सुशीला देवी क सुपुत्र नीरज कुमार ने एनडीए की परीक्षा पास कर आर्मी में लेफ्टीनेंट बन कर जिले का नाम किया किया है. इनकी भी प्रारंभिक शिक्षा-दीक्षा रघुनाथपुर बाजार के विद्यालयों में हुई है.

नीरज कुमार-लेफ्टिनेंट आर्मी

संजय पाठक जिले की बेटियों को पहुंचा रहे खेल की बुलंदी पर
मैरवा : लक्ष्मीपुर निवासी संजय पाठक ने अपने प्रयास से जिले की बेटियों को खेल के क्षेत्र में बुलंदी पर पहुंचाने का प्रयास किया है. हैंडबॉल, फुटबॉल, बॉल बैडमिंटन, दौड़ आदि में इनके निर्देशन में खेत में ही प्रशिक्षण लेकर बेटियों ने जो दम दिखाया है, उसकी मिसाल मिलनी मुश्किल है.

संजय पाठक,शिक्षक व कोच

पेशे से सरकारी शिक्षक संजय पाठक इस कार्य के लिए अपने वेतन का 25 फीसद खर्च कर देते हैं. और जरूरत होती है तो लोगों से सहयोग मांगते हैं. गांव व गलियों में रहने वाली बेटियां संजय की देखरेख में अपनी प्रतिभा को निखार विदेश तक का सफर कर आई हैं. संजय कहते हैं कि उनके आदर्श स्वामी विवेकानंद जी हैं.

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बच्चों को समर्पित है तरुणाई
सीवान : बच्चों के अधिकार को लेकर निस्वार्थ भाव से सेवा में यदि किसी का नाम लेना हो तो अचानक मनोज मिश्रा आ जाते हैं. बाल कल्याण समिति के साथ मिलकर अपने एनजीओ परफेक्ट विजन के माध्यम से अब तक सैकड़ों बच्चों को उनका अधिकार दिलाया है. जन्म लेते ही परित्यक्त बच्चों को सहारा दिलवाया.

मनोज मिश्र-अधिकारी सीडब्लूसी

ये वैसे बच्चे हैं, जिन्हें कुछ देर और सहारा नहीं मिलता तो शायद आज वे इस दुनिया में नहीं होते. मनोज मिश्र कहते हैं कि उनके आदर्श स्वामी विवेकानंद जी हैं. उनकी किताबों को पढ़कर प्रेरणा मिलती है.

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